इसी तरह सुबह-सुबह महिला, पुरुष और छोटे-छोटे बच्चे मालवाहक गाड़ी पर लदकर जाते हैं काम पर।

यहां के अधिकतर बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं बालश्रमिक के रूप में खेतों, ईंट-भट्ठों में काम करते हैं

सभी झोंपड़ियों में रहते हैं गरीबी व गंदगी के बीच

बहुत सारे लोगों और उनके बच्चों के पास आधार कार्ड व जन्मप्रमाण नहीं हैं, जिसके कारण सरकारी लाभ से भी वंचित हैं