दुनिया से कटी एक बस्ती की दास्तां
दुनिया से कटी एक बस्ती की दास्तां
मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंडन्तर्गत घोसरमा कोठी का मुसहर टोला
मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंडन्तर्गत घोसरमा कोठी का मुसहर टोला
झोंपड़ियों में सिसकती जिंदगी, चूल्हे भी हैं उदास
झोंपड़ियों में सिसकती जिंदगी, चूल्हे भी हैं उदास
अनदेखी की मार :
न नेताओं की नजर पड़ती है, न ही प्रशासन की। हालात वर्षों से जस के तस हैं।
मुफलिसी व तंगी के बीच आधे पेट खाकर रात काटते हैं लोग
अशिक्षा के अंधेरे में डूबी है ये मरौटी बस्ती
मुफलिसी व तंगी के बीच आधे पेट खाकर रात काटते हैं लोग
अशिक्षा के अंधेरे में डूबी है ये मरौटी बस्ती
नेताओं और न हाकिमों को पड़ता है कोई फर्क
नेताओं और न हाकिमों को पड़ता है कोई फर्क
कब बदलेगी तस्वीर?
क्या इस बस्ती को भी कभी विकास की रोशनी मिलेगी?
कब बदलेगी तस्वीर?
क्या इस बस्ती को भी कभी विकास की रोशनी मिलेगी?
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