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गांव की बेटियां भी बन रहीं डॉक्टर

बिहार की ग्रामीण बेटियां अनामिका राज और तन्नु कुमारी ने NEET UG 2026 में शानदार सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत, परिवार के सहयोग और दृढ़ संकल्प से गांव के सपने भी साकार हो सकते हैं। अनामिका ने अपने दिवंगत पिता का डॉक्टर बनाने का सपना पूरा किया, जबकि तन्नु ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर अपने गांव का नाम रोशन किया। उनकी उपलब्धि ग्रामीण छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

NEET परीक्षा Qualify करने वाली अनामिका राज और तन्नु की सफलता की कहानी, गांव की बेटियां डॉक्टर बनने की ओर बढ़ीं।
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✨अनामिका राज ने अपने दिवंगत पिता के सपने को किया साकार
✨तन्नु ने धरफरी गांव का नाम किया रोशन
✍️रिपोर्ट : अप्पन समाचार टोली

मुजफ्फरपुर/सारण। अब गांव में रहने वाले साधारण परिवार के बच्चे भी डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, डीएम-एसपी बनने का सपना पूरा कर रहे हैं. यदि घर में पढ़ाई का माहौल मिले और उसे सही दिशा में बढ़ने का माता-पिता और शिक्षकों का उचित मार्गदर्शन मिले, तो गांव के लड़के-लड़कियां भी सफलता की ऊंचाई को छू सकते हैं. मेहनतकश परिवारों से आने वाले बच्चे कड़ी मेहनत कर अपने परिवार, गांव-जवार का नाम रोशन कर रहे हैं.

NEET UG 2026 में देशभर के लाखों छात्रों ने दर्ज की सफलता

गुरुवार को एनटीए ने नीट यूजी 2026 का रिजल्ट घोषित किया है, जिसमें देशभर के करीब 20 लाख परीक्षार्थियों में से 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है. इनमें 56.8 फीसदी छात्राएं सफल हुई हैं. इस परीक्षा में बिहार के अभ्यर्थियों ने भी शानदार सफलता प्राप्त की है. बिहार के आयुष भलोटिया एवं रिया रंजन ने टॉप टेन में जगह बनाई है. आयुष बिहार का स्टेट टॉपर बना, जबकि रिया सेकेंड टॉपर बनीं.

धरफरी गांव की तन्नु कुमारी ने तीसरे प्रयास में हासिल की सफलता

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ग्रामीण इलाके के अभ्यर्थी भी सफल हुए हैं. पारू प्रखंड के धरफरी पंचायत की छात्रा तन्नु कुमारी नीट यूजी की परीक्षा में सफल होकर अपने इलाके का नाम रोशन किया है. इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तन्नु को 587 अंक प्राप्त हुए हैं. एशियन स्कूल, मुजफ्फरपुर से 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद तन्नु नीट की तैयारी के लिए गोल विलेज, पटना चली गयी. यह उसका तीसरा प्रयास था.

तन्नु की बड़ी बहन अन्नु कुमारी ने आईआईटी पटना से एमटेक की पढ़ाई पूरी की है. उसकी मां मिन्ता देवी गृहिणी है. तन्नु कुमारी के पिता देवेश चन्द्र प्रजापति पूर्व जिला पार्षद थे. देवेश चन्द्र पारू प्रखंड के धरफरी-02 ग्राम पंचायत एवं जिला परिषद क्षेत्र सं.- 09 का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वे पारू प्रखंड के देवरिया में दवा की दूकान चला कर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे हैं. तन्नु की इस कामयाबी से घर-परिवार एवं गांव में खुशी का माहौल है.

आदित्य के घर में ख़ुशी का माहौल

उधर, जिले के कुढ़नी प्रखंड के रतनौली पंचायत निवासी हरेंद्र सहनी के पुत्र आदित्य राज को ऑल इंडिया रैंक 946 एवं ओबीसी-एनसीएल रैंक 295 प्राप्त हुआ है. आदित्य के घर में ख़ुशी का माहौल है.

अनामिका राज ने पूरा किया दिवंगत पिता का सपना

सारण जिले के अमनौर प्रखंड के कर्णपुरा गांव की अनामिका राज ने भी नीट यूजी की परीक्षा में सफल होकर अपने दिवंगत पिता के सपने को पूरा किया है. अनामिका का ऑल इंडिया रैंक 10830, ओबीसी-एनसीएल रैंक 4884 हैं एवं 99.54 परसेंटाइल प्राप्त हुआ है. अनामिका जब सात साल की थी, तभी उसके शिक्षक पिता महामाया मनोज का 2014 में ब्रेन हैम्ब्रज के कारण मौत हो गयी थी. अचानक परिवार के ऊपर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा. अनामिका की मां ने समय के साथ खुद को दुःख से उबार कर अपने परिवार को संभाला. एक बेटा और दो बेटियों को पढ़ाना शुरू किया.

📌 प्रमुख उपलब्धियां

  • तन्नु कुमारी (धरफरी, मुजफ्फरपुर) — 587 अंक, NEET UG 2026 में सफलता।
  • अनामिका राज (कर्णपुरा, सारण) — 597 अंक, AIR 10830, OBC-NCL Rank 4884, 99.54 Percentile।
  • आदित्य राज (रतनौली, मुजफ्फरपुर) — AIR 946, OBC-NCL Rank 295।

इसका परिणाम हुआ कि बड़ा बेटा दो साल पहले आईआईटी की परीक्षा में सफल हुआ. वह अभी आईआईटी जोधपुर में पढ़ाई कर रहा है. अनामिका अपने दूसरे ही प्रयास में 597 अंक के साथ नीट यूजी में सफल हुई है. अनामिका ने मुजफ्फरपुर स्थित शांति निकेतन स्कूल से सीबीएससी 10वीं बोर्ड की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की. इसके बाद सारण जिले के अमनौर प्रखंड स्थित एमवीइआरडी कॉलेज से बिहार बोर्ड की 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की.

अनामिका ने नीट यूजी की परीक्षा की तैयारी करने के लिए पटना स्थित आकाश इंस्टिट्यूट ज्वाइन किया. वहां उसने करीब तीन साल तक इसकी तैयारी की. अनामिका की मां कुमारी विभा यूएमएस कोल्हुआ में शिक्षिका है. मां ने बताया कि मेरी बेटी शुरू से ही पढ़ने में तेज थी. अपने क्लास में वह हमेशा टॉप आती थी. उसके पिता बराबर बोलते थे कि मेरी बेटी डॉक्टर बनेगी. मेरी बेटी ने अपने पिता के सपने को पूरा कर दिया है. आज वे होते तो कितना खुश होते. अनामिका का ननिहाल मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के जलीलनगर गांव में है. अनामिका ने अपनी सफलता का श्रेय बड़े चाचा व नौतन पंचायत के पैक्स अध्यक्ष राजदीपक प्रसाद सिंह समेत मां एवं पूरे परिवार को दिया है. परिवार के लोग अनामिका के एमबीबीएस में नामांकन को लेकर काफी उत्साहित हैं.

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